आइये आज हम इस झकझकिया
की कुछ और झाक्झाकी से रु-बा-रु होते है, एक दिन मेरी अन्जलियाँ दवा ने मुझसे सवाल किया
"यार झकझकिया तुम हो कहाँ के" तो मैंने कहा
"तुम्हें .......... कहाँ के है हम,लो बताये देते है कहीं के नही है हम
इस फानी दुनिया में जनम से अकेले है हम
नही है कोई अपना हमदम, कुछ और ......... हो तो वो भी ....... मेरे सनम
कसम से सच कहते है झूट नही कहेंगे हम"
और क्या बताऊँ मेरे इतना कहते ही उसने सवाल किया
स। "कौन हम"
अ। नही तुमरे बापू
स। ओह वो सुनो, हमरे बापू जान की एक छोटी सी दुकान है आलू और आम की, करते रहते है हम वही गिनती सरे सामान की"
अ। और कुछ आता है की नही तुमको
स। आता नही आती है कहते सरम हमको तुम ख़ुद कुछ क्यों समझती नही हेल्लो हाय भी तो कहती नही"
चलिए ये कहानी यही ख़तम करते है और एक दूसरी सुरु करते है
एक दिन मैंने अपनी दवा से कहा
" जानती हो दोस्ती में ७ चीजों की कीमत होती है
> बिश्वाश
> प्यार
> और ४ और जोर लो पर सबसे खाश चीज जो है वो है अपने दोस्त की इज्जत करना"
उसने जवाब दिया " वही तो नही करती मैं तुमरा, और तू है भी उसी लायक "कमीना" कहीं का
तो मैंने कहा "कहीं का नही तुमरे दिल का"
अ। क्या
स। "कमीना और क्या'
इसी तरह का एक और वाकिया आपको बताता हूँ
एक दिन मेरे फोन पर एक मेसेज आया लिखा था
"आप दुनिया में नही दिल में रहते है
आपसे मिलने को हम नसीब कहते है"
मैंने उस नम्बर पर फोन कर पुछा "बहिन जी आप कौन"
मगर जवाब नदारद और फ़िर वही संदेश फ़िर से मिला तो मैंने जवाब दिया, क्या दिया जरा ध्यान दीजियेगा
"अरे यार हम तो उससे भी नही मिले जिससे तुमको हमरे नम्बर है मिले, हमसे जोमिलते है वो सीधे यमपुरी में होते है, वो क्या है की आज कल हम वही रहते है। पर डर मत अपने साथ हम सबको नही रखते है
इसी तरह बिच में काफी सारे मिस कॉल देने वाले पैदा हो गए जो पता नही कहाँ-कहाँ से किस-किस को टाइम पास करने के लिए मिस कॉल करते रहते, एक दिन मेरी "रिता इमरती" ने मुझसे शिकायत की यार मेरे साथ तो ऐसा हो रहा है पता नही कर रहा है इससे बचने का कोई उपाय बताओ"
मैंने कहा उससे कहो
" सरकार क्यों दाए-बाये घंटी बजाते है,मन्दिर जाइये घंटा बजाइए, दीनानाथ प्रशन होंगे आप पर कृपावान होंगे और तब जा के आप महान होंगे, और हम अबे उमर बीत जायेगी पर कभी नही मेहरबान होंगे
आम तौर पर होता भी यही है, अगर आप के साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है तो फटा-फट अपने मिस कॉल करने वाले-वाली को ये संदेश भेज दे सायद कुछ फरक पर जाए।
एक बात के कई सारे मतलब निकले जाते है, जैसे एक दिन सॉरी रात में मेरी दवा ने कहा
"गुड नाईट'
मैंने पुछा "इसका मतलब समझती
उसने जवाब दिया " शब्बाखेर,शुभ रात्रि,
तो मैंने कहा
" नही मेरी जान गुड ...... का मतलब होता है मक्खर भागने वाली मशीन"
मतलब अब दीजिये अपने इस झकझकिया को
गुरुवार, 9 जुलाई 2009
बुधवार, 8 जुलाई 2009
शुभ आरम्भ
मेरे प्यारे पढाकू पाठको ,
अब तक आप सब ने मुझे www.सचिन्केज्रिवल.ब्लागस्पाट.कॉम पर एक गीतकार,एक कवि के रूप में देखा सॉरी पढ़ा है। जहा मैं अपनी कविता अपने गीत गजल आपको परोश्ता हूँ। जिसे पढ़ कर आप कभी-कभी बोर भी हो जाते होंगे, पर यहाँ ऐसा कुछ नही होगा।
यकीं मानिये यहाँ आपको आपका ये सचीन एक अलग अंदाज में ही दिखेगा जिसमे उसका साथ देंगी मिस अंजलि जिसे अज तक मैंने भी नही देखा न ही मिला, इसके अलावा मेरा साथ देने के लिए होंगे, उमेश,निकिता,सुमन,उतकालिका, इनमे से किसी से भी आज तक मैं नही मिला और न ही ये सब मुझसे मिले पर इनकी प्रेरणा से ही मैंने ये कौलोम लिखने की जरुरत की और इन्होने ने ही आप के इस सचीन को सचीन झाक्झाकिया के नाम से नवाजा है।
यहाँ आपको इस चैप्टर ke कुछ अजीबो-गरीब नाम से भी वाखिफ करवाना जरुरी है। वरना कुछ बात बनेगी नही।
गीता लड़ाकू, रामा चमारिन, कल्लो भिखारन,सीता कुम्हारिन, रिता इमरती, (ये सब नाम सिर्फ़ लेखक ने मनोरंजन के लिए रखे है इनका किसी से कोई वास्ता नही है अगर है तो वो महज एक इत्त्फाख है)
इन सब के बिच आपको सचीन झाक्झाकिया और उसकी अन्जलियाँ दवा मुख्य रूप से नजर आयेंगे बाकि सब इन दोनों के सहयोगी की तरह होंगे।
तो आइये सब से पहले ये झाक्झाकिया आपको अपनी कसम से रु-बा-रु करवाता है।
मेरी कसम
आँख की,नाक की,तुम्हे कसम है कान की,
मेरे दोनों हाथ की,लंबे-लंबे पांव की
जग के हर इन्सान की,अंदर के शैतान की
उपर के भगवन की,उशकी सब संतान की
क्या हुआ मान जाओ, चुप क्यों ? कुछ बोलो
शकल बिच में कहा से आयी
अ। मैंने पहले ही कहा था। हम सिर्फ़ दोस्त है फ़िर ये शकल बिच में कहा से आयी
स। शकल बिच में नही बगल से है आयी जो अब तक तुमने मुझे कहा है दिखालाई
सायर की बच्ची
अ। "छुपी नही तुम्हे याद कर रही थी।
यहाँ की बारिश की ठंडी हवा में तुम्हे महसूस कर रही थी
गए हुए तुम्हे घंटो नही हुए , ऐसा लगता है सालो बीत गए बस इस लिए
तुम्हे ढूँढने की कोशिश कर रही थी"
स। अबे सायर की बच्ची सीधे-सीधे यही बोल देती की मुझको लाइन मार रही थी
बी जे पी के पास क्यों नही है सरकार
एक बार अ। ने अरे अ। मतलब मेरी अन्जलियाँ दवा ने पूछा "यार झाक्झाकिया एक बात बताओ ये बी जे पी के पास सरकार क्यों नही है"
तो मैंने कहा, क्या कहा जरा ध्यान से सुनियेगा और जवाब दीजियेगा की क्या मैंने कुछ
ग़लत कहा
तो मैंने कहा
"दुनिया में बहुतों के पास नही है कार
उससे ज्यादा है बेकार
हम नही है अब तक किसी के भरतार
इस लिए नही है बी जे पी के पास सरकार"
उसने पूछा मतलब तो बता दो यार
"मतलब इतना है की फिलहाल किसी को नही है बी जे पी की दरकार इस लिए ही नही है उसके पास सरकार, समझे मेरे यार'
सिर्फ़ सपनो में
एक दिन अ। ने मुझसे कहा
"यार झाक्झाकिया तुम सच में बहुत प्यारे हो। "
तो साहेबान मैंने अपने अंदाज में जवाब दिया
"इतना ही नही मेरी जान हम अब तक कुवारे है
कसम से तुम्हारे है, इस फंटूश दुनिया में तुम पे ही दिल हारे है
पर साला सवाल ये है की क्या आप भी हमारे है"
इस पर उस सितम गर ने जवाब दिया
"सिर्फ़ सपनो में"
तो मैंने भी कहा "ठीक है हम चले सोने"
अब आज अलविदा
अब तक आप सब ने मुझे www.सचिन्केज्रिवल.ब्लागस्पाट.कॉम पर एक गीतकार,एक कवि के रूप में देखा सॉरी पढ़ा है। जहा मैं अपनी कविता अपने गीत गजल आपको परोश्ता हूँ। जिसे पढ़ कर आप कभी-कभी बोर भी हो जाते होंगे, पर यहाँ ऐसा कुछ नही होगा।
यकीं मानिये यहाँ आपको आपका ये सचीन एक अलग अंदाज में ही दिखेगा जिसमे उसका साथ देंगी मिस अंजलि जिसे अज तक मैंने भी नही देखा न ही मिला, इसके अलावा मेरा साथ देने के लिए होंगे, उमेश,निकिता,सुमन,उतकालिका, इनमे से किसी से भी आज तक मैं नही मिला और न ही ये सब मुझसे मिले पर इनकी प्रेरणा से ही मैंने ये कौलोम लिखने की जरुरत की और इन्होने ने ही आप के इस सचीन को सचीन झाक्झाकिया के नाम से नवाजा है।
यहाँ आपको इस चैप्टर ke कुछ अजीबो-गरीब नाम से भी वाखिफ करवाना जरुरी है। वरना कुछ बात बनेगी नही।
गीता लड़ाकू, रामा चमारिन, कल्लो भिखारन,सीता कुम्हारिन, रिता इमरती, (ये सब नाम सिर्फ़ लेखक ने मनोरंजन के लिए रखे है इनका किसी से कोई वास्ता नही है अगर है तो वो महज एक इत्त्फाख है)
इन सब के बिच आपको सचीन झाक्झाकिया और उसकी अन्जलियाँ दवा मुख्य रूप से नजर आयेंगे बाकि सब इन दोनों के सहयोगी की तरह होंगे।
तो आइये सब से पहले ये झाक्झाकिया आपको अपनी कसम से रु-बा-रु करवाता है।
मेरी कसम
आँख की,नाक की,तुम्हे कसम है कान की,
मेरे दोनों हाथ की,लंबे-लंबे पांव की
जग के हर इन्सान की,अंदर के शैतान की
उपर के भगवन की,उशकी सब संतान की
क्या हुआ मान जाओ, चुप क्यों ? कुछ बोलो
शकल बिच में कहा से आयी
अ। मैंने पहले ही कहा था। हम सिर्फ़ दोस्त है फ़िर ये शकल बिच में कहा से आयी
स। शकल बिच में नही बगल से है आयी जो अब तक तुमने मुझे कहा है दिखालाई
सायर की बच्ची
अ। "छुपी नही तुम्हे याद कर रही थी।
यहाँ की बारिश की ठंडी हवा में तुम्हे महसूस कर रही थी
गए हुए तुम्हे घंटो नही हुए , ऐसा लगता है सालो बीत गए बस इस लिए
तुम्हे ढूँढने की कोशिश कर रही थी"
स। अबे सायर की बच्ची सीधे-सीधे यही बोल देती की मुझको लाइन मार रही थी
बी जे पी के पास क्यों नही है सरकार
एक बार अ। ने अरे अ। मतलब मेरी अन्जलियाँ दवा ने पूछा "यार झाक्झाकिया एक बात बताओ ये बी जे पी के पास सरकार क्यों नही है"
तो मैंने कहा, क्या कहा जरा ध्यान से सुनियेगा और जवाब दीजियेगा की क्या मैंने कुछ
ग़लत कहा
तो मैंने कहा
"दुनिया में बहुतों के पास नही है कार
उससे ज्यादा है बेकार
हम नही है अब तक किसी के भरतार
इस लिए नही है बी जे पी के पास सरकार"
उसने पूछा मतलब तो बता दो यार
"मतलब इतना है की फिलहाल किसी को नही है बी जे पी की दरकार इस लिए ही नही है उसके पास सरकार, समझे मेरे यार'
सिर्फ़ सपनो में
एक दिन अ। ने मुझसे कहा
"यार झाक्झाकिया तुम सच में बहुत प्यारे हो। "
तो साहेबान मैंने अपने अंदाज में जवाब दिया
"इतना ही नही मेरी जान हम अब तक कुवारे है
कसम से तुम्हारे है, इस फंटूश दुनिया में तुम पे ही दिल हारे है
पर साला सवाल ये है की क्या आप भी हमारे है"
इस पर उस सितम गर ने जवाब दिया
"सिर्फ़ सपनो में"
तो मैंने भी कहा "ठीक है हम चले सोने"
अब आज अलविदा
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