बुधवार, 8 जुलाई 2009

शुभ आरम्भ

मेरे प्यारे पढाकू पाठको ,
अब तक आप सब ने मुझे www.सचिन्केज्रिवल.ब्लागस्पाट.कॉम पर एक गीतकार,एक कवि के रूप में देखा सॉरी पढ़ा है। जहा मैं अपनी कविता अपने गीत गजल आपको परोश्ता हूँ। जिसे पढ़ कर आप कभी-कभी बोर भी हो जाते होंगे, पर यहाँ ऐसा कुछ नही होगा।
यकीं मानिये यहाँ आपको आपका ये सचीन एक अलग अंदाज में ही दिखेगा जिसमे उसका साथ देंगी मिस अंजलि जिसे अज तक मैंने भी नही देखा न ही मिला, इसके अलावा मेरा साथ देने के लिए होंगे, उमेश,निकिता,सुमन,उतकालिका, इनमे से किसी से भी आज तक मैं नही मिला और न ही ये सब मुझसे मिले पर इनकी प्रेरणा से ही मैंने ये कौलोम लिखने की जरुरत की और इन्होने ने ही आप के इस सचीन को सचीन झाक्झाकिया के नाम से नवाजा है।
यहाँ आपको इस चैप्टर ke कुछ अजीबो-गरीब नाम से भी वाखिफ करवाना जरुरी है। वरना कुछ बात बनेगी नही।

गीता लड़ाकू, रामा चमारिन, कल्लो भिखारन,सीता कुम्हारिन, रिता इमरती, (ये सब नाम सिर्फ़ लेखक ने मनोरंजन के लिए रखे है इनका किसी से कोई वास्ता नही है अगर है तो वो महज एक इत्त्फाख है)

इन सब के बिच आपको सचीन झाक्झाकिया और उसकी अन्जलियाँ दवा मुख्य रूप से नजर आयेंगे बाकि सब इन दोनों के सहयोगी की तरह होंगे।

तो आइये सब से पहले ये झाक्झाकिया आपको अपनी कसम से रु-बा-रु करवाता है।

मेरी कसम
आँख की,नाक की,तुम्हे कसम है कान की,
मेरे दोनों हाथ की,लंबे-लंबे पांव की
जग के हर इन्सान की,अंदर के शैतान की
उपर के भगवन की,उशकी सब संतान की
क्या हुआ मान जाओ, चुप क्यों ? कुछ बोलो

शकल बिच में कहा से आयी
अ। मैंने पहले ही कहा था। हम सिर्फ़ दोस्त है फ़िर ये शकल बिच में कहा से आयी
स। शकल बिच में नही बगल से है आयी जो अब तक तुमने मुझे कहा है दिखालाई
सायर की बच्ची
अ। "छुपी नही तुम्हे याद कर रही थी।
यहाँ की बारिश की ठंडी हवा में तुम्हे महसूस कर रही थी
गए हुए तुम्हे घंटो नही हुए , ऐसा लगता है सालो बीत गए बस इस लिए
तुम्हे ढूँढने की कोशिश कर रही थी"
स। अबे सायर की बच्ची सीधे-सीधे यही बोल देती की मुझको लाइन मार रही थी


बी जे पी के पास क्यों नही है सरकार
एक बार अ। ने अरे अ। मतलब मेरी अन्जलियाँ दवा ने पूछा "यार झाक्झाकिया एक बात बताओ ये बी जे पी के पास सरकार क्यों नही है"
तो मैंने कहा, क्या कहा जरा ध्यान से सुनियेगा और जवाब दीजियेगा की क्या मैंने कुछ
ग़लत कहा
तो मैंने कहा
"दुनिया में बहुतों के पास नही है कार
उससे ज्यादा है बेकार
हम नही है अब तक किसी के भरतार
इस लिए नही है बी जे पी के पास सरकार"
उसने पूछा मतलब तो बता दो यार
"मतलब इतना है की फिलहाल किसी को नही है बी जे पी की दरकार इस लिए ही नही है उसके पास सरकार, समझे मेरे यार'

सिर्फ़ सपनो में
एक दिन अ। ने मुझसे कहा
"यार झाक्झाकिया तुम सच में बहुत प्यारे हो। "
तो साहेबान मैंने अपने अंदाज में जवाब दिया
"इतना ही नही मेरी जान हम अब तक कुवारे है
कसम से तुम्हारे है, इस फंटूश दुनिया में तुम पे ही दिल हारे है
पर साला सवाल ये है की क्या आप भी हमारे है"
इस पर उस सितम गर ने जवाब दिया
"सिर्फ़ सपनो में"
तो मैंने भी कहा "ठीक है हम चले सोने"

अब आज अलविदा

1 टिप्पणी:

www.sachinkejriwal.blogspot.com ने कहा…

Hi.
Sachin jhakjhakiya main tumhare kaam ko dekhte aa raha hu, tum sach me accha aur manoranjak lekh likhte ho.
Tumhe apni kitab chapwani chahiye mera khud ka publication hai kaho to help kar du:).
Regard
July
from Julypublication