बुधवार, 20 जनवरी 2010

झकझकी

मेरी चरिया  चोच लड़ाले
लाइन मार मुझको पटाले
मार दे तू आँख मुझको
ज़िन्दगी रोशन बना दे
हो गयी है,कट्टम-कुट्टी
तबियत क्यों है,संटी-संटी
थोड़ी सी बिंदास बनाले
मेरी .......

आँख मरोगी तो मर जायेंगे हम
लाइन मरोगी तो पात जायेंगे हम
गर ऐसे ही करती रही
तो सच कहते है कसम से
जिंदिगी भर के लिए तुमरे "जानेमन" हो के रह जायेंगे हम


स. लक्ष्मी कौन है?
अ. वो भगवन बिष्णु की बीवी है
स. और फिर भी उसने अपनी बीवी कों दुनिया भर के लोग-लुगाइयों में बाँट राखी है.
अब बिविओं कों पलना सब के बस की बात थोड़े ही है, फिर भी दुनिया दुसरो की बीवी के पीछे पागल है!

कोई टिप्पणी नहीं: